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सोमवार, 25 जुलाई 2016

सुपुर्द ख़ाक हो गए 1911 में जन्मे हाजी नसीर उद्दीन: कड़ा कौशाम्बी खबर

Posted by Unknown

कौशाम्बी- सुपर्द खाक हुए समाज सेवी हाजी नसीर उद्दीन
कौशांबी कड़ा के बसवारी गाँव में 1911ई में जन्मे समाज सेवी हाजी नसीर उद्दीन उम्र लगभग 105 साल जिनका इंतेक़ाल रविवार रात 8,00बजे हुवा जिनकी मिटटी सोमवार दोपहर 2 बजे हुई हाजी नसीर का शिक्षा के छेत्र में बहुत ही बड़ा योगदान रहा है उन्हों ने अपना पूरा जीवन गरीबों के बच्चों को शिक्षा दिलाने और स्कूल भेजने में किया और सौराई बुज़ुर्ग के चूहा पीरन के जंगल में 1959 में मदरसा खोल जिसमे आज भी कक्षा 8 तक की दीनी और दुनियाबी पढ़ाई मुफ्त होती है उनके मिटटी में पूर्व सांसद शेलेन्द्र कुमार कैलाश केसरवानी माजिद अली महेंदर सिंह यादव जिला पंचायत सदस्य जुबेर घोसी नजमी यासीन सीताराम पाल के अलावा आस पास इलाके के काफी लोग मौजूद थे
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सोमवार, 20 जून 2016

कौशाम्बी देवीगंज: जकात गरीबो का हक़ है ये तुमपर अल्लाह ने फ़र्ज़ किया है कारी गुलाम गौस

Posted by Unknown

कौशंबी:कडा के देवीगंज गंज जुमा मस्जिद में रमजान के पाक अवसर पर  रोज़ा अफ्तार का आयोजन किया जिसमे इलाकाई लोंगो के अलावा रास्ता चलते मुसाफिरों ने भी शिरकत की अफ्तार से पहले कारी गुलाम गौस ने मौजूद लोंगो को रोजे के फरायेज़ और फायदे की बात बताई कारी साहब ने बताया की रमजान के इस पाक महीने में अल्लाह ताला रहमत के दरवाजे खोल देता है इस माह में हमें गरीबो की मदद करनी चाहिये अगर आप ने किसी एक गरीब को खाना खिलाया या उसकी मदद की तो आप को सत्तर गरीबो के खाने या मदद के बराबर सवाब मिलेगा
यदि आप के पास साढे सात तोले सोना औए 52तोले चांदी या उसके दाम के बराबर रकम जमा हो या बैंक में हो  तो आप पर गरीबो का हक (ज़कात) फ़र्ज़ है जो की सिर्फ ढाई परसेंट पर सैकड़ा है जो की बहुत ही मामूली बात है यानी एक सौ रूपये में ढाई रुपया हमें गरीबो को देना फ़र्ज़ है यही अल्लाह का फ़रमान है जो हम सब को मानना फ़र्ज़ है रोज़ा अफ्तार का आयोजन नौशाद अहमद मोहम्मद यासीन  सल्लू नजमी जावेद आदि लोंगो ने किया
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